केन्दुकी गांव सहारनपुर में फिर एक बार मीम और भीम
ने आपसी सौहार्द को मजबूत किया....
मामला पट्टे की जमीन का था....
जमीन भीम भाई को मिला हुआ था जिसपे मीम अल्लाहू अकबर बोलकर कब्ज़ा करना चाहते थे....भीमटो ने बहुत समझाया कि तुम हमारे भाई हो .....
अगर हमारी बात नहीं मानते हो तो मंडल जी या कब्या जादो की ही बात मान लो.....
वो भी कहते हैं मीम भीम भाई भाई....
प्लीज हमारी जमीन पे कब्ज़ा मत करो....
मीम ने कहा कि देखो हमारे लिए भाई वाई बाद में है.....
हम पहले मोहम्मद साहब की हुक्म तामील करेंगे.....
इसके लिए पहले हमको तुम्हारी जमीन पे कब्ज़ा करना होगा....
भीम भाई को काटो तो खून नहीं....
वो सोचने लगे कि जिस मीम को हम भाई समझ रहे थे वो तो कसाई निकला....
फिर भीमटों ने परिवार में सलाह मशविरा किया और तय किया कि मंडल की माँ का झोपड़ा.....
हम अपनी जमीन अपने आत्मसम्मान के लिए लड़ेंगे
और भीमटो ने मीमटों का मुकाबला करने की ठान ली....
इस बात की खबर जैसे ही मीमटो को हुई उन्होनें घात लगाकर भीमटो पर हमला कर दिया जिसमें एक जै भीम की मौत हो गयी और तीन गंभीर रुप से घायल हो गये हैं.....
स्थिति काफ़ी गंभीर हो गयी है.....
कोई दलित चिंतक दलित नेता वहाँ दलितों के सपोर्ट के लिए नहीं पहुँचा.....



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