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संदेश

एक कुतर्की नास्तिक, ने किये प्रश्न ????? 👇

एक कुतर्की नास्तिक, ने हमसे प्रश्न किये, उसके जवाब उद्धृत कर रहा हूँ, 👇 1• नशा करना भोलेनाथ ने सिखाया।। समाधान ~~

राष्ट्रगान क्यों हराम है

1.लोकतंत्र हराम है   , 2.राष्ट्रगान हराम है, 3.देश भक्ति हराम है , लोकतन्त्र क्यों हराम है इस्लामिक देश खलीफा अर्थात तानाशाह अर्थात डिक्टेटर, शरीअत नामक कानून से जनता को चलाता है जिस कानून में बदलाव की कोई गुंजाईश नहीं, शरीअत वो है जो अ-ल्ल्हा का बनाया हुआ कानून है, लोकतंत्र वोह है जो लोगो के सहियोग से बनाया हुआ कानून से चलता है जिसको संविधान कहते है जो समय समय पर लोगो की सुविधा के अनुसार बदलता रहता है।।। मगर साम्राज्यवादी अल्ल्हा के कानून शरीयत में ना वदलाव है और ना बदलाव की गुंजाईश हर मुस्लिम को शरीयत के मुताबिक ही चलना होता है इस लिए इस्लाम में लोकतंत्र हराम है।।। ऑनली साम्राज्यवादी कानून शरीयत उनका सच्चा कानून है बाकि तो सब बेमानी है।।। इसी लिए परस्पर द्वन्द होता रहता है लोकतंत्र और शरीयत(अर्थात मुस्लिम पर्सनल लॉ) में।।। देश भक्ति और राष्ट्रगान क्यों हराम है राष्ट्रगान में "भारत भाग्यविधाता" और "जय हे जय हे जय हे" शब्द आते है,  भारत भाग्यविधाता का अर्थ होता है तुम ही हो भारत के भाग्यविधाता तुम्हारी जय हो जय हो जय हो, मुस्लिम्स की इन 2 ...

दिखाओ धर्म का?

नमस्ते  Aamir Khan सड़, , , , मैं आपका फैन, U.P से,मुझे आपकी pk फ़िल्म बहुत पसन्द है, और वो डायलॉग इ रॉंग नम्बर है, तो बहुत पसन्द है, और आप पूछते थे न, ठप्पा दिखाओ धर्म का? तो जो निचे एक बिलांग छटी हुई है, वही ठप्पा है, और आपका शो सत्यमेव जयते, बहुत मिस करता हूँ, उसमे जो आपने कुरीतियों पे अभियान चलाया था,वो सराहनीय था,  कुल मिला कर मैं आपसे कहना ये चाहता हूँ, आप एक pk टाइप फ़िल्म और बनाये,  और उसमे ऊंट का मूत पिने वाले, शैतान को पथतर मारने वाले,गरीबो को छोड़ मजारो पे चादर चढाने वालो को दिखाए, और सत्यमेव जयते में मजहब के नाम पे अंग विशेष काट देने वालो पे क्रूरता के खिलाफ तलाक पे हलाल पे बढ़िया शो बनाये, और खासकर अपनी पहली बीवी के बारे में जरूर दिखाए, आपका फैन,

आतंकवादी मारे जाएं तो शव दफनाने की बजाय जलाना शुरू कर दें।

केंद्र सरकार को चाहिए कि जितने आतंकवादी मारे जाएं उनके शव दफनाने की बजाय जलाना शुरू कर दें। यह उपाय आतंकवाद मे कमी आने का उपाय साबित हो सकता है।क्योंकि पहली बात आतंकवाद का कोइ धर्म नहीं होता।इसलिए क्या फर्क पडता है उसे जलाया या दफनाया जाए?दूसरी बात फिदायीन हमलावर मरने के बाद जलने लगेंगे तो जिन 72 हूरों के लालच मे वह जिहादी बनते हैं उस सुख को कभी प्राप्त नहीं कर पाएंगे क्योंकि जलने के बाद शरीर राख बन जाएगा। , , यह आजमाया जाना चाहिए प्रायोगिक तौर पर यदि कोइ विरोध करे तो बडे आराम से आतंकवाद का धर्म पता लग जाएगा। मरे हुए आतंकवादियों को कचरे के ढ़ेर के साथ जला देना चाहिए. १. दफनाने से साबित होता है कि आतंकवाद का कोई धर्म जरुर है. २. वैसे भी आतंकवादी के शव कोई देश वापस नहीं लेता है तो अपनी जमीन पर उनको दफनाने का क्या औचित्य? ३. हर आतंकवादी को ये संदेश जायेगा कि मरे तो जन्नत का तो पता नहीं दो गज जमीन तक नहीं मिलेगी. ४. मरने के बाद मानवाधिकार का मामला भी नहीं बनता. ५. अपने देश की जमीन उन नापाक इरादे रखने वालों दफन के लिए इस्तेमाल क्यों करनी? ६. आतंकवाद को ध...

इस्लाम की कब्र खुद मुसलमानो ने खोदी है

आप इन इस्लाम छोङने वाले लोगो की बेबसाईट जरुर पढ़े .. चूँकि इस्लाम तर्कहीन , निराधार और कपोल कल्पित मान्यताओं पर ही टिका हुआ है , जिसे ईमान के नाम पर मुस्लिम बच्चों पर थोप दिया जाता है , जिस से उनकी सोचने समझने की बुद्धि कुंद हो जाती है और बड़े होकर वह कट्टर जिहादी बन जाते हैं , लेकिन जब भी किसी बुद्धिमान को इस्लाम के भयानक और मानव विरोधी असली रूप का पता चल जाता है ,वह तुरंत इस्लाम के अंधे कुएं से बाहर निकल जाता है . कुछ सौभाग्य शाली प्रसिद्ध लेखकों ,मानवता वादी का संक्षिप्त परिचय दिया जा रहा है , 1-इब्ने वर्राक (ابن وراق‎ )-इनका जन्म पाकिस्तान में हुआ था . यह उनका असली नाम नहीं है , इनके नाम का अर्थ है ” कागज बनाने वाले का बेटा ” क्योंकि उनके पिता कागज बनाते थे . इन्होने इस्लाम की पोल खोलने के लिए कई किताबें और लेख प्रकाशित किये हैं ,इनको दूसरा सलमान रश्दी भी कहा जाता है . इनकी साईट है SecularIslam.org 2-तस्लीमा नसरीन( তসলিমা নাসরিন ) -इनका जन्म बंगला देश में 25 अगस्त सन 1962 में हुआ था . यह इस्लाम छोड़कर नास्तिक ( Atheist) बन गयी , इनकी किताब “लज्जा “पर मुल्लों ने इनकी हत्या क...

वेदों के अनुसार स्वस्थ रहने के १५ नियम

🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 हमारे वेदों के अनुसार स्वस्थ रहने के १५ नियम १- खाना खाने के १.३० घंटे बाद पानी पीना है २- पानी घूँट घूँट करके पीना है जिस से अपनी मुँह की लार पानी के साथ मिलकर पेट में जा सके , पेट में acid बनता है और मुँह में छार ,दोनो पेट में बराबर मिल जाए तो कोई रोग पास नहीं आएगा ३- पानी कभी भी ठंडा ( फ़्रीज़ का  )नहीं पीना  है। ४- सुबह उठते ही बिना क़ुल्ला किए २ ग्लास पानी पीना है ,रात भर जो अपने मुँह में लार है वो अमूल्य है उसको पेट में ही जाना ही  चाहिए । ५- खाना ,जितने आपके मुँह में दाँत है उतनी बार ही चबाना  है । ६ -खाना ज़मीन में पलोथी मुद्रा या उखड़ूँ बैठकर ही भोजन करे । ७ -खाने के मेन्यू में एक दूसरे के विरोधी भोजन एक साथ ना करे जैसे दूध के साथ दही , प्याज़ के साथ दूध , दही के साथ उड़द दल ८ -समुद्री नमक की जगह सेंध्या नमक या काला नमक खाना चाहिए  ९-रीफ़ाइन तेल , डालडा ज़हर है इसकी जगह अपने इलाक़े के अनुसार सरसों , तिल , मूँगफली , नारियल का तेल उपयोग में लाए । सोयाबीन के कोई भी प्रोडक्ट खाने में ना ले इसके प्रोडक्ट को क...

काफिर है न हम बोलो मुल्लो ??

#काफिर_है_न पापा, ये काफिर है ना। ट्रेन में सामने वाली बर्थ पर बैठी फैमिली को देख कर बच्चे ने पिता से पूछा। हां बेटा, पिता ने संक्षिप्त जवाब दिया *इनके हाथ से कुछ मत लेना। माँ ने हिदायत दी।* क्यों ? बच्चे का छोटा सा सवाल। जो कभी हल नहीं हो सका। क्यों क्या। *ये मूर्ति पूजने वाले लोग हैं।* *हमसे नफरत करने वाले लोग हैं।* *इनसे हमारी सालो की दुश्मनी है।* माँ को जितना मालूम था, वह सरसरी लहजे में बच्चे को बोल गयी। *बच्चा सोचता रहा कि हमारी इनसे दुश्मनी कब हो गयी ? * *ये तो आज ही मिले हैं।* पिता ने बच्चे की माँ को डांटा। ये कोई जगह है , ये सब बातें करने की। हालांकि पिता की सहमति थी उन बातों पर जो माँ ने बच्चे से कही। क्या करती फिर। कोई चीज लेकर खा लेता तो। *हमारा धर्म भ्रष्ट हो जाता।* माँ ने खुद को स्पष्ट किया। अच्छा। अब चुप करो। खाना आ गया है खा कर आराम करो सब। खाना खा कर सभी यात्री लेट गए। *एका-एक बच्चे के पेट में तेज दर्द उठा*। बच्चे ने माँ को कराहते हुये कहा। माँ। पेट दुःख रहा है। माँ ने सोचा । ट्रेन का खाना नहीं पच रहा होगा। थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा। लेकिन बच्चे की हा...